संक्षिप्त सार
अन्य पुरुष के मॉडल: पात्र का दृष्टिकोण बिना नियंत्रक कथन-सूचक उपवाक्य के आख्यान में प्रवेश करता है।
काल के बदलाव: भूतकालीन आख्यान में वर्तमान → अपूर्ण भूतकाल और भविष्य → शर्तार्थक संभव हैं, अनिवार्य नहीं।
संदर्भसूचक शब्द: aqui → ali, hoje → naquele dia और amanhã → no dia seguinte संभावित बदलाव हैं; पात्र-केंद्रित रूप बने रह सकते हैं।
पात्र की शब्दावली कथावाचक की आवाज़ में प्रवेश करती है
विराम चिह्नों की स्वतंत्रता: उद्धरण के बिना प्रश्न/विस्मयादिबोधक
मनोवैज्ञानिक तात्कालिकता: पाठक सीधे पात्र के मन में जाता है
आवाज़ का मिश्रण: कथावाचक पात्र की बोली के ढाँचे ग्रहण करता है
मौखिक कहानी कथन: आवाज़ों का मिश्रण संभव है; केवल गपशप इसकी पहचान या प्रयोग की आवृत्ति स्थापित नहीं करती।