संक्षिप्त सार
पुनरावर्ती विशेषण: विशेषकों के भीतर विशेषक, जिनमें फिर विशेषक
बाएँ शाखन की जटिलता: पुर्तगाली में पूर्व-संज्ञात्मक विशेषकों का संचय
दाएँ शाखन की झड़ियाँ: दाईं ओर बढ़ती पश्च-संज्ञात्मक विशेषक शृंखलाएँ
कोष्ठकीय व्यवधान: संज्ञा पदबंध के भीतर जोड़ी गई सामग्री।
विशेषक की अर्थ-सीमा की अस्पष्टता: यह विशेषण वास्तव में किस शब्द को विशेषित करता है?
अन्विति: वर्णित संज्ञा पहचानें; क्रिया-विशेषण अपरिवर्तनीय रहते हैं।
अर्थगत श्रेणियाँ: स्थान संरचना और अर्थ पर निर्भर है, एक सार्वभौमिक सूची पर नहीं।
जुड़ाव: क्रमिक विशेषकों और सचमुच अंतर्निहित पदबंधों में भेद करें।